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कानपुर देहात। शिवली बाघपुर गांव के कंटेनर चालक का शव खेत पर नीम के पेड़ पर गमछे के फंदे के सहारे लटका मिला। कंटेनर व एक कार चालक के वाहनों की टक्कर गुरुवार शाम हो गई थी व मारपीट हुई थी। मामला चौकी पहुंचा था और समझौते के बाद दोनों चालक वहां से चले गए थे।

शुक्रवार सुबह उत्तेजित ग्रामीणों ने हत्या कर शव लटकाए जाने व चौकी पुलिस पर मारपीट करने का आरोप लगाकर कल्याणपुर शिवली मार्ग पर बांस बल्ली रखकर जाम लगा दिया। करीब एक घंटे तक वाहन सवार परेशान हुए और मशक्कत कर पुलिस ने जाम खुलवाया। राज्यमंत्री प्रतिभा शुक्ला व पूर्व सांसद अनिल शुक्ला वारसी ने ग्रामीणों को न्याय दिलाने का आश्वासन दिया। पुलिस ने आरोप गलत बताए हैं। बाघपुर निवासी 28 वर्षीय रंजीत नागर कंटेनर चालक था जो गुरुवार को फिरोजाबाद से शराब लादकर गुवाहाटी जाने के लिए निकला था। शाम करीब छह बजे कंटेनर लेकर बाघपुर गांव आ गया था जहां कंटेनर की बैटरी का नक्का टूट जाने के कारण वह उसे ठीक कराने के लिए बाजार में कंटेनर लेकर गया था।वहां कंटेनर को पीछे करते समय उसका पिछला हिस्सा ओला कार में छू गया।

ओला चालक व कंटेनर चालक के बीच इस पर मारपीट हो गई थी।मामला पुलिस चौकी बाघपुर पहुंचा जहां देर रात करीब 11 बजे दोनों पक्षों के बीच समझौता हो गया था। समझौते के बाद ओला चालक एवं कंटेनर चालक रंजीत पुलिस चौकी से चले गए थे। कंटेनर चालक रंजीत पूरी रात अपने घर नहीं पहुंचा था। शुक्रवार सुबह खेतों पर गेहूं काटने जा रहे किसानों को पेट्रोल पंप के पीछे खेत में खड़े नीम के पेड़ में गमछा के सहारे रंजीत का शव लटकता मिला।

कुछ ही देर में वहां स्वजन व ग्रामीणों की भीड़ जमा हो गई। मौजीलाल नागर ने आरोप लगाते हुए बताया कि उसके पुत्र रंजीत के पास 55 हजार रुपये थे जो गायब है। उसका मोबाइल फोन तथा ड्राइविंग लाइसेंस एवं एटीएम कार्ड भी गायब है। उनका पुत्र रंजीत शाम को सफेद शर्ट एवं सफेद बनियान पहने था लेकिन फंदे पर लटक रहे उसके पुत्र के शरीर से शर्ट एवं बनियान गायब है।

उत्तेजित ग्रामीणों ने हत्या कर शव को लटकाए जाने का आरोप लगाया तथा चौकी में पुलिसकर्मियों पर रंजीत के साथ मारपीट करने का भी आरोप लगाते हुए सुबह करीब आठ बजे शिवली कल्याणपुर मार्ग पर जाम लगा दिया।पुलिस ने समझाने का प्रयास किया पर ग्रामीण कार्रवाई की मांग पर अटके थे, पुलिस पोस्टमार्टम रिपोर्ट से मौत का कारण स्पष्ट होने की बात कह रही थी और जाम खोलने को अनुरोध किया।

करीब एक घंटे बाद लोग सड़क से हटे।चौकी प्रभारी योगेंद्र शर्मा का कहना है कि पुलिस पर मारपीट करने का आरोप पूरी तरह से गलत है। दोनों पक्ष आपसी समझौता करने के बाद चौकी से चले गए थे।राज्यमंत्री प्रतिभा शुक्ला एवं पूर्व सांसद अनिल शुक्ला वारसी ने स्वजन से बात की।उन्होंने निष्पक्ष जांच कराने व न्याय का आश्वासन दिया।

राज्यमंत्री ने एएसपी राजेश पांडेय, सीओ आलोक वर्मा से पुलिस की कार्यशैली में सुधार लाने का निर्देश दिया। दोपहर करीब 12 बजे शव को उतारा जा सका।एएसपी राजेश पांडेय ने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट से मौत का सही कारण पता चल जाएगा उसी हिसाब से कार्यवाही की जाएगी बाकी मामले की जांच कराई जा रही।

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