5-KG-LPG-Gas-1775586173831

प्रदेश में प्रवासी श्रमिकों और छात्रों के लिए राहत की खबर है। अब वे आधार कार्ड या अन्य पहचान पत्र दिखाकर किसी भी गैस एजेंसी से पांच किलोग्राम का छोटा एलपीजी सिलिंडर प्राप्त कर सकते हैं अपर आयुक्त खाद्य पीएस पांगती ने कहा कि राज्य में प्रवासी श्रमिकों और छात्रों की संख्या अधिक है। ऐसे उपभोक्ताओं की दिक्कतों का समाधान तलाश किया गया है। छोटे पांच किलोग्राम के सिलिंडरों की बिक्री भी बढ़ी है और अब तक 6,700 से अधिक सिलिंडर बेचे जा चुके हैं।

रिस्पना पुल के समीप दूरदर्शन केंद्र के सभागार में मंगलवार को प्रेसवार्ता में अपर आयुक्त पीएस पांगती ने यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि राज्य में घरेलू एलपीजी की आपूर्ति पूरी तरह सामान्य है और एक मार्च, 2026 से अब तक 18 लाख से अधिक सिलिंडर घरों तक पहुंचाए जा चुके हैं। उन्होंने कहा कि राज्य में डीजल और पेट्रोल की कोई कमी नहीं है। किसी भी पंप से इसकी शिकायत नहीं आ रही है।

वाणिज्यिक गैस आपूर्ति 66 प्रतिशत रहेगी जारी

बताया कि वाणिज्यिक गैस आपूर्ति को लेकर प्रदेश सरकार ने 66 प्रतिशत वितरण का एसओपी लागू किया है। इसके तहत होटल, रेस्टोरेंट, ढाबे, गेस्ट हाउस, होमस्टे, शादी समारोह और उद्योगों को प्रतिदिन 6,310 सिलेंडर उपलब्ध कराए जा रहे हैं। पांगती ने बताया कि आगामी चारधाम यात्रा और विवाह सीजन को देखते हुए राज्य सरकार ने केंद्र से अप्रैल से नवंबर माह तक 100 प्रतिशत वाणिज्यिक गैस सिलिंडर की आपूर्ति बहाल करने और अतिरिक्त पांच प्रतिशत कोटा देने का अनुरोध भी किया है।

तीन महीने का राशन लेने के लिए तीन बार बायोमेट्रिक

खाद्य सुरक्षा के तहत प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना में बड़ा बदलाव किया गया है। अब अंत्योदय और प्राथमिकता श्रेणी के राशन कार्ड धारकों को अप्रैल माह में ही अप्रैल, मई और जून तीनों महीनों का राशन एक साथ दिया जा रहा है। हालांकि, यह राशन प्राप्त करने के लिए लाभार्थियों को तीन बार बायोमीट्रिक सत्यापन करना होगा। राज्य में करीब 14 लाख परिवार इस योजना से लाभान्वित हो रहे हैं।

घरेलू गैस बुकिंग में कमी दर्ज की गई

पांगती ने बताया कि हाल के दिनों में एलपीजी की पैनिक बुकिंग में कमी आई है। 15 मार्च को जहां 90 हजार बुकिंग दर्ज हुई थी, वहीं छह अप्रैल तक यह घटकर 45 हजार रह गई और अब स्थिति सामान्य हो गई है। जमाखोरी और कालाबाजारी पर नियंत्रण के लिए सख्त कार्रवाई की जा रही है। अब तक 6,205 निरीक्षण, 19 एफआइआर दर्ज, सात गिरफ्तारियां की जा चुकी हैं।

error: Content is protected !!