शिक्षा का अधिकार अधिनियम (आरटीई) के तहत शैक्षिक सत्र 2026-27 के लिए निजी विद्यालयों में प्रवेश की प्रक्रिया 24 मार्च से शुरू होने जा रही है। इस योजना के माध्यम से आर्थिक रूप से कमजोर और वंचित वर्ग के बच्चों को निजी स्कूलों में निशुल्क शिक्षा का अवसर दिया जाएगा। शिक्षा विभाग के अनुसार पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन माध्यम से संचालित की जाएगी ताकि आवेदन प्रक्रिया पारदर्शी और सरल बनी रहे।
उत्तराखंड शिक्षा विभाग द्वारा जारी दिशा-निर्देशों के मुताबिक अभिभावकों को अपने बच्चों के प्रवेश के लिए आधिकारिक वेबसाइट www.rteonline.gov.in पर ऑनलाइन पंजीकरण कर आवेदन करना होगा। सभी जिलों के शिक्षा अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि आरटीई योजना का व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाए, ताकि अधिक से अधिक पात्र परिवार इस योजना का लाभ उठा सकें। ऑनलाइन व्यवस्था लागू होने से अभिभावक घर बैठे ही आवेदन कर सकेंगे।
ऑनलाइन आवेदन के बाद बच्चों के दस्तावेजों का सत्यापन संबंधित खंड शिक्षा अधिकारी (बीईओ) कार्यालय में किया जाएगा। आरटीई के तहत प्रवेश प्रक्रिया में विद्यालय के आसपास रहने वाले बच्चों को प्राथमिकता दी जाएगी। यदि निर्धारित क्षेत्र से पर्याप्त आवेदन प्राप्त नहीं होते हैं तो प्रवेश के लिए क्षेत्र का दायरा बढ़ाया जा सकता है।
प्रवेश के लिए बच्चों की आयु 30 जून 2026 तक तय मानकों के अनुसार होनी आवश्यक है। इसके तहत प्री-प्राइमरी कक्षा के लिए बच्चे की उम्र कम से कम तीन वर्ष और कक्षा एक के लिए छह वर्ष निर्धारित की गई है। विभाग के अनुसार आवेदन के बाद आवश्यक दस्तावेज जमा करने की अंतिम तिथि 3 अप्रैल तय की गई है, जबकि 17 अप्रैल को लॉटरी के माध्यम से चयन प्रक्रिया पूरी की जाएगी।
आरटीई योजना के तहत निजी विद्यालयों में मुफ्त प्रवेश के लिए कुछ जरूरी दस्तावेज भी अनिवार्य किए गए हैं। आवेदन करते समय अभिभावकों को बच्चे का आधार कार्ड, मूल निवास प्रमाणपत्र, जाति प्रमाणपत्र तथा आय प्रमाणपत्र प्रस्तुत करना होगा। शिक्षा विभाग का कहना है कि इस योजना के माध्यम से जरूरतमंद बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है।
