सितारगंज। क्षेत्र में कानून व्यवस्था को अपराधी खुली चुनौती देने लगे हैं। गुरुवार को सुरक्षा व्यवस्था पर तब बड़ा सवाल खड़ा हो गया जब शक्तिफार्म क्षेत्र में 11वीं के एक छात्र का विद्यालय गेट से अगवा कर जंगल में ले जाकर मारपीट करने का सनसनीखेज मामला सामने आया।
बच्चा अगवा करने वालों के चंगुल से छूटकर जैसे-तैसे भाग आया। बच्चे के स्वजनों की तहरीर पर पुलिस ने एक नामजद सहित तीन अज्ञात के विरुद्ध प्राथमिकी पंजीकृत कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस को सौंपी तहरीर में गांव देवनगर निवासी दीपंकर सिकदार पुत्र नरोत्तम सिकदार ने बताया कि वह राजकीय इंटर कालेज शक्तिफार्म में कक्षा 11वीं का छात्र है। सोमवार को विद्यालय की छुट्टी के बाद जैसे ही वह गेट से बाहर निकला, तभी नगर पंचायत शक्तिगढ़ के रविंद्रनाथ वार्ड निवासी सुमित मजूमदार अपने एक साथी के साथ वहां पहुंचा और उसका मुंह बंद कर जबरन अगवा कर लिया।
आरोप है कि आरोपी उसे बाराकोली रेंज के जंगल स्थित वनदेवी मंदिर ले गए, जहां पहले से मौजूद दो अन्य साथियों के साथ मिलकर उसके साथ बेरहमी से मारपीट की। इस दौरान छात्र के सिर, पैर, कमर और छाती में गंभीर चोटें आईं। घटना के बाद आरोपी उसे जान से मारने की धमकी देते हुए मौके पर ही छोड़कर फरार हो गए। बाद में घायल छात्र को उपचार के लिए उप जिला अस्पताल सितारगंज में भर्ती कराया गया, जहां उसका इलाज चल रहा है। पुलिस ने मामले में एक नामजद समेत चार अज्ञात आरोपितों के विरुद्ध प्राथमिकी पंजीकृत की है।
कोतवाल सुंदरम शर्मा का कहना है कि घटना की कई एंगल से जांच की जा रही है, देखा जा रहा है कि बच्चे की अगवा करने वालों से पहले तो दुश्मनी नहीं थी। अगवा करने के पीछे की मंशा क्या है? पूरे घटनाक्रम की गंभीरता से जांच की जा रही है और आरोपितों की तलाश जारी है।
